पंचायत सहायकों और लेबर कार्ड धारक श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र
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1️⃣ परिचय – रोज़ की सच्चाई, जो सब देखते हैं
गाँव हो या शहर, सुबह होते ही चौराहों पर मज़दूर भाइयों की लाइन लग जाती है।
कोई तसला लिए, कोई फावड़ा, तो कोई बस हाथ में झोला पकड़े।
धूप हो, बारिश हो या ठंड, हाल एक जैसा रहता है।
न बैठने की जगह, न पानी, न शौचालय।
मैं खुद पंचायत सहायक हूँ।
रोज़ यह हाल अपनी आँखों से देखता हूँ।
कई बार मज़दूर भाई पंचायत भवन आकर बैठ जाते हैं और पूछते हैं –
“भैया, कोई सरकारी योजना है क्या जिससे हमारी हालत थोड़ी सुधरे?”
इसी सवाल का जवाब है
👉 डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र योजना,
जिसे लोग आसान भाषा में लेबर अड्डा योजना कहते हैं।
यह योजना मज़दूरों के लिए सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान देने की कोशिश है।
2️⃣ योजना क्या है? (सीधी भाषा में)
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक नई और ज़मीनी श्रमिक कल्याण योजना है।
इसके तहत ऐसे सरकारी लेबर अड्डे / श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएँगे,
जहाँ मज़दूर भाई आराम से बैठ सकें,
काम का इंतज़ार कर सकें
और सरकारी सुविधाएँ एक ही जगह पा सकें।
इन केंद्रों को नाम दिया गया है –
श्रमिक सुविधा केंद्र (Shramik Suvidha Kendra)।
यह योजना UPBOCW (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) के ज़रिए लागू की जा रही है,
जिसका मतलब है कि यह योजना खास तौर पर निर्माण श्रमिक और लेबर कार्ड धारकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इसी बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को आगे चलकर
महात्मा गांधी पेंशन योजना
और
गंभीर बीमारी सहायता योजना
जैसी दूसरी महत्वपूर्ण योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा।
3️⃣ योजना कब शुरू हुई?

इस योजना का शासनादेश 19 दिसंबर 2025 को जारी हुआ।
इसका सीधा मतलब है कि योजना कागज़ पर नहीं,
बल्कि सरकारी तौर पर लागू हो चुकी है।
हाँ, यह बात समझनी ज़रूरी है कि
हर जिले में लेबर अड्डा एक ही दिन नहीं बनेगा।
पहले बड़े शहर, औद्योगिक इलाके और जहाँ मज़दूरों की संख्या ज़्यादा है,
वहाँ काम शुरू होगा।
फिर धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों में विस्तार होगा।
4️⃣ यह योजना लाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
आज भी बहुत से मज़दूर ऐसे हैं जो
सरकारी योजनाओं के नाम तक नहीं जानते।
कोई उन्हें सही जानकारी देने वाला नहीं होता।
- मज़दूर खुले में खड़े रहते हैं
- दलाल गलत जानकारी देकर पैसे ऐंठ लेते हैं
- CSC या पंचायत तक पहुँच नहीं बन पाती
- योजना होते हुए भी लाभ नहीं मिलता
इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए
सरकार ने सोचा कि
“क्यों न मज़दूर के लिए एक ऐसा केंद्र हो
जहाँ सब कुछ एक ही जगह मिल जाए।”
5️⃣ योजना के मुख्य उद्देश्य
इस योजना के पीछे सरकार के कुछ साफ़ उद्देश्य हैं:
- मज़दूरों के लिए सुरक्षित प्रतीक्षालय बनाना
- लेबर कार्ड धारकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना
- CSC / जन सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध कराना
- स्वच्छता, पानी और शौचालय की व्यवस्था
- कौशल विकास से रोज़गार बढ़ाना
- सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना
- बिचौलियों और दलालों से बचाव करना
6️⃣ लेबर अड्डा क्या होता है?

लेबर अड्डा का मतलब वह जगह
जहाँ मज़दूर बिना डर और बिना भटकाव के बैठ सके।
यह कोई निजी ठेकेदार का अड्डा नहीं होगा,
बल्कि सरकार द्वारा बनाया गया सार्वजनिक सुविधा केंद्र होगा।
यहाँ मज़दूर सिर्फ काम का इंतज़ार ही नहीं करेगा,
बल्कि अपने हक़ की जानकारी भी ले सकेगा।
7️⃣ लेबर अड्डा में मिलने वाली सुविधाएँ
सरकारी दस्तावेज़ के अनुसार लेबर अड्डा में:
- पक्की और सुरक्षित बैठने की व्यवस्था
- साफ पीने का पानी
- पुरुष और महिला के लिए अलग शौचालय
- रियायती दर पर कैंटीन
- मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
- CSC / जन सेवा केंद्र काउंटर
- श्रमिक हेल्प डेस्क
इन सुविधाओं से मज़दूर को
दिनभर इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
8️⃣ पात्रता – कौन लाभ ले सकता है?
इस योजना का लाभ निम्न श्रेणी के श्रमिक ले सकते हैं:
- लेबर कार्ड धारक निर्माण श्रमिक, जिन्हें श्रमिक सुविधा केंद्र के माध्यम से आगे चलकर
कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना
जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जा सकता है, ताकि उनके काम का दायरा और आमदनी बढ़ सके। - दिहाड़ी मज़दूर, जो रोज़गार की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर काम करते हैं और जिनके लिए यह योजना सुरक्षित प्रतीक्षा और जानकारी का माध्यम बनेगी।
- रोज़गार की तलाश में खड़े लोग, जिन्हें श्रमिक सुविधा केंद्र पर कौशल और रोजगार से जुड़ी सही सरकारी जानकारी मिल सकेगी।
- मौसमी और कृषि श्रमिक, जिनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जानकारी
अटल आवासीय विद्यालय योजना
के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती है। - दूसरे राज्यों से आकर काम करने वाले मज़दूर, जिन्हें भी श्रमिक सुविधा केंद्र पर बैठने, पानी और मार्गदर्शन जैसी मूलभूत सुविधाएँ मिलेंगी।
लेबर कार्ड धारकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी,
लेकिन बिना लेबर कार्ड वाले श्रमिक भी इन केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगेमज़दूरों को भी
बुनियादी सुविधाएँ मिलेंगी।
9️⃣ लेबर अड्डा की बनावट
सरकार ने लेबर अड्डा की बनावट भी तय कर दी है:
- भूतल: बड़ा प्रतीक्षालय और बैठने की जगह
- पहली मंज़िल: शौचालय और कैंटीन
- दूसरी मंज़िल:
- CSC / जन सेवा केंद्र
- कौशल विकास और सहायता काउंटर
🔟 पंचायत सहायक और CSC की भूमिका
यह योजना पंचायत सहायक के बिना ज़मीन पर सफल नहीं हो सकती।
पंचायत सहायक:
- मज़दूरों को योजना की जानकारी देंगे
- सही योजना तक पहुँचाएँगे
- गलत जानकारी से बचाएँगे
CSC / जन सेवा केंद्र से मज़दूर जुड़ेंगे:
- महात्मा गांधी पेंशन योजना
- गंभीर बीमारी सहायता योजना
- मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना
1️⃣1️⃣ श्रमिकों को सीधे क्या लाभ मिलेगा?
| लाभ | सरल व्याख्या |
|---|---|
| सम्मानजनक प्रतीक्षा स्थल | श्रमिकों को सड़क या चौराहे पर खड़े रहने की मजबूरी नहीं रहेगी। लेबर अड्डा पर बैठने, छाया और आराम की व्यवस्था होगी, जिससे उन्हें सम्मान के साथ काम का इंतज़ार करने का अवसर मिलेगा। |
| सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुँच | श्रमिकों को पंचायत सहायक और CSC / जन सेवा केंद्र के माध्यम से पेंशन, सहायता और अन्य श्रमिक कल्याण योजनाओं की सही जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी। |
| समय और पैसे की बचत | अलग-अलग दफ्तरों और दलालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे श्रमिकों का समय बचेगा और अनावश्यक खर्च से भी राहत मिलेगी। |
| दलालों से छुटकारा | लेबर अड्डा और पंचायत सहायक के माध्यम से सही सरकारी जानकारी मिलने से श्रमिक गलत जानकारी देने वाले दलालों और ठगी से बच सकेंगे। |
| भरोसेमंद और सरकारी जानकारी | श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी सीधे सरकारी माध्यम से मिलेगी, जिससे भ्रम और अफवाह की स्थिति नहीं बनेगी। |
1️⃣2️⃣ दूसरी श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़ाव
| योजना का नाम | लेबर अड्डा से कैसे जुड़ाव होगा |
|---|---|
| कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना |
लेबर अड्डा पर पंचायत सहायक और CSC के माध्यम से श्रमिकों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी,
ताकि वे अपने काम से जुड़ा निःशुल्क प्रशिक्षण और सरकारी प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकें।
इससे मज़दूर की योग्यता बढ़ेगी और आमदनी के बेहतर अवसर मिलेंगे।
पूरी जानकारी देखें |
| शौचालय सहायता योजना |
लेबर अड्डा से श्रमिकों को स्वच्छता से जुड़ी इस योजना की जानकारी दी जाएगी,
ताकि जिन श्रमिक परिवारों के पास शौचालय नहीं है, वे सरकारी सहायता से शौचालय का निर्माण करा सकें।
इससे परिवार के स्वास्थ्य और सम्मान दोनों में सुधार होगा।
योजना विवरण देखें |
| अटल आवासीय विद्यालय योजना |
लेबर अड्डा के माध्यम से श्रमिकों को उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी मिलेगी।
योग्य श्रमिक अपने बच्चों का नामांकन अटल आवासीय विद्यालय में करा सकते हैं,
जिससे बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
एडमिशन से जुड़ी जानकारी देखें |
1️⃣3️⃣ आवेदन प्रक्रिया क्या है?
फिलहाल इस योजना के लिए
अलग से कोई आवेदन फॉर्म नहीं है।
जिस जिले में लेबर अड्डा बनेगा,
वहीं पंचायत सहायक और CSC के माध्यम से
मज़दूर को सारी जानकारी और मदद मिलेगी।
1️⃣4️⃣ FAQ – आम सवाल, साफ जवाब
प्रश्न 1: डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र योजना क्या है?
उत्तर:
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक श्रमिक कल्याण योजना है, जिसके अंतर्गत दिहाड़ी मजदूरों और निर्माण श्रमिकों के लिए लेबर अड्डा / श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहाँ बैठने, पानी, शौचालय और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी।
प्रश्न 2: यह योजना कब से लागू मानी जाएगी?
उत्तर:
इस योजना का शासनादेश 19 दिसंबर 2025 को जारी हो चुका है। योजना सरकारी तौर पर लागू है, लेकिन लेबर अड्डों का निर्माण जिलों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा
प्रश्न 3: क्या यह पूरी तरह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है?
उत्तर:
हाँ, यह पूरी तरह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है और इसे उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
प्रश्न 4: क्या इस योजना का लाभ लेने के लिए लेबर कार्ड होना जरूरी है?
उत्तर:
लेबर कार्ड होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन लेबर कार्ड धारकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। बिना लेबर कार्ड वाले दिहाड़ी मजदूर भी बुनियादी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे
प्रश्न 5: लेबर अड्डा में श्रमिकों को कौन-कौन सी सुविधाएँ मिलेंगी?
उत्तर:
लेबर अड्डा में बैठने की व्यवस्था, पीने का साफ पानी, पुरुष एवं महिला शौचालय, रियायती दर पर कैंटीन, मोबाइल चार्जिंग तथा CSC / जन सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रश्न 6: पंचायत सहायक और CSC / जन सेवा केंद्र की इसमें क्या भूमिका होगी?
उत्तर:
पंचायत सहायक और CSC श्रमिकों को योजना की जानकारी देंगे, लेबर कार्ड व अन्य श्रमिक कल्याण योजनाओं में आवेदन में सहायता करेंगे तथा श्रमिकों को गलत जानकारी और दलालों से बचाने में मदद करेंगे।
प्रश्न 7: क्या इस योजना के लिए कोई आवेदन फॉर्म भरना होगा?
उत्तर:
फिलहाल इस योजना के लिए अलग से कोई आवेदन प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई है। जिस जिले में लेबर अड्डा स्थापित होगा, वहीं पंचायत सहायक या CSC के माध्यम से पूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रश्न 8: इस योजना से संबंधित सही और सरकारी जानकारी कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?
उत्तर:
इस योजना से संबंधित सही और सरकारी जानकारी पंचायत सहायक, नज़दीकी CSC / जन सेवा केंद्र तथा विश्वसनीय वेबसाइट panchayatsahayak.com से प्राप्त की जानी चाहिए।
1️⃣5️⃣ निष्कर्ष – आख़िरी और ज़रूरी बात
डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र योजना
अगर सही ढंग से लागू हुई,
तो मज़दूरों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी
वाकई आसान हो जाएगी।
सम्मान, सुविधा और सही जानकारी —
तीनों एक साथ।
👉 panchayatsahayak.com का उद्देश्य भी यही है
कि पंचायत सहायक और मज़दूर के बीच
सीधी और सच्ची सरकारी जानकारी पहुँचे।
📌 भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र
लेबर अड्डा | UPBOCW – WhatsApp सहायता ग्रुप
अगर आपको भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा – UPBOCW), लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड, पेंशन आवेदन, स्टेटस चेक या किसी भी सरकारी प्रक्रिया में कन्फ्यूजन या समस्या हो, तो नीचे दिए गए WhatsApp सहायता ग्रुप से जुड़ सकते हैं।
👉 इस ग्रुप में योजनाओं की सही जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और सामान्य मार्गदर्शन साझा किया जाता है।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक हूँ
(जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया)।
यह जानकारी मेरे अनुभव एवं सामान्य सरकारी प्रक्रिया पर आधारित है।
यह सहायता पूर्णतः निःशुल्क (Free) है।
🌐 Official Guide Platform: PANCHAYATSAHAYAK.COM
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