प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक बहुत ही ज़रूरी योजना है, जिसका मकसद गाँव-देहात के निर्माण मजदूरों को यह बताना है कि सरकार ने उनके लिए क्या-क्या सहूलियतें दे रखी हैं। यह योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UP BOCW) के जरिए पूरे प्रदेश में चलाई जा रही है, ताकि कोई भी मजदूर सिर्फ जानकारी के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए।
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक, ब्लॉक हरैया, जिला आजमगढ़ में तैनात हूँ। रोज़ पंचायत भवन पर बैठता हूँ। सामने वही लोग आते हैं—ईंट-गारा ढोने वाले मजदूर, नरेगा में काम करने वाले भाई, बुज़ुर्ग श्रमिक और परेशान परिवार। अपने रोज़ के अनुभव से मैं पूरे भरोसे से कह सकता हूँ कि प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना गाँव के मजदूरों के लिए आँख खोलने वाली योजना है, क्योंकि असली परेशानी पैसे की नहीं, जानकारी की कमी की है।
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प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना क्या है?
प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना एक जागरूकता योजना है। इसका सीधा-सा मतलब है—
मजदूर को यह बताया जाए कि लेबर कार्ड क्या होता है, उससे क्या-क्या मिलता है, और सरकारी योजना का पैसा कैसे सीधे खाते में आता है।
इस योजना के तहत मजदूरों को:
- लेबर कार्ड की अहमियत समझाई जाती है
- पंजीकरण और नवीनीकरण की जानकारी दी जाती है
- कल्याण बोर्ड की सभी योजनाओं से जोड़ा जाता है
गाँव में मजदूरों की असली हालत
गाँव में ज़्यादातर मजदूर सुबह काम पर निकल जाते हैं और शाम को थक-हारकर लौटते हैं। किसी को यह नहीं पता कि लेबर कार्ड से क्या-क्या मिल सकता है। कोई कहता है—
“कार्ड तो बना है, लेकिन फायदा कुछ नहीं मिला।”
कोई पूछता है—
“भैया, पैसा क्यों नहीं आया?”
यहीं से समझ में आता है कि जानकारी के बिना योजना बेकार हो जाती है।
इसी जगह पर प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना काम करती है—मजदूर को समझाने का, उसे सही रास्ता दिखाने का।
प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना का असली मकसद
जब मैं मजदूर भाइयों को इस योजना के बारे में समझाता हूँ, तो बिल्कुल देहात की भाषा में कहता हूँ:
- तुम्हारा लेबर कार्ड क्यों ज़रूरी है
- हर साल उसका नवीनीकरण क्यों करना पड़ता है
- सरकार तुम्हारे लिए कौन-कौन सी मदद देती है
- और पैसा सीधे बैंक खाते में कैसे आता है
इस योजना का असली मकसद यही है कि
👉 कोई भी मजदूर जानकारी के अभाव में योजना से बाहर न रहे।
जानकारी मजदूर तक कैसे पहुँचाई जाती है?
🔹 पंचायत और गाँव में आयोजन
गाँव या पंचायत में मजदूरों को इकट्ठा करके सीधे समझाया जाता है कि लेबर कार्ड से क्या-क्या फायदा है।
🔹 मोबाइल, वीडियो और मैसेज
अब बहुत से मजदूरों के मोबाइल पर वीडियो और SMS भी पहुँचने लगे हैं, जिससे उन्हें घर बैठे जानकारी मिल जाती है।
🔹 शिविर और दीवार लेखन
सरकारी भवनों पर लिखी जानकारी और जागरूकता शिविरों से भी मजदूरों को समझाया जाता है।
👉 खास बात यह है कि ये सारे कार्यक्रम बिना राजनीति के होते हैं—न किसी नेता का नाम, न फोटो।
पंचायत सहायक का असली काम

बहुत लोग समझते हैं पंचायत सहायक बस फॉर्म भरता है, लेकिन हकीकत यह है कि:
- हम मजदूर को सही योजना बताते हैं
- गलत दलालों से बचाते हैं
- और सरकार तक उसकी बात पहुँचाते हैं
प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना के कारण पंचायत सहायक मजदूर को एक-एक योजना आराम से समझा पाता है।
ज़मीनी अनुभव: बेटी की शादी और ₹55,000 की मदद
एक दिन मेरे पास एक मजदूर आया। नरेगा में भी काम करता था। बोला—
“भैया, बिटिया की शादी है, पैसा नहीं है, बहुत टेंशन है।”
मैंने उसके कागज़ देखे।
लेबर कार्ड पहले से बना था।
मैंने कहा—
“घबराओ मत, तुम्हें कन्या विवाह सहायता योजना का पैसा मिलेगा।”
शादी के बाद उसके सारे कागज़ पूरे कराए गए और कुछ ही समय में ₹55,000 सीधे उसके खाते में DBT के माध्यम से आ गए।
कुछ दिन बाद वही मजदूर मुस्कराता हुआ आया और बोला—
“भैया, पैसा आ गया… अब चिंता खत्म हो गई।”
उस दिन मुझे समझ आया कि प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना कागज़ की नहीं, ज़िंदगी बदलने की योजना है।
और कौन-कौन सी योजनाएँ मजदूरों को बताई जाती हैं
- बीमारी की हालत में
👉 गम्भीर बीमारी सहायता योजना - बुज़ुर्ग मजदूरों के लिए
👉 महात्मा गाँधी पेंशन योजना - घर में शौचालय बनवाने के लिए
👉 शौचालय सहायता योजना - काम सीखने और सर्टिफिकेट के लिए
👉 कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना - मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए
👉 अटल आवासीय विद्यालय योजना - महिला मजदूर और नवजात बच्चे के लिए
👉 मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना
इन सभी योजनाओं तक मजदूरों को पहुँचाने का रास्ता प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना ही है।
पैसा कैसे खर्च होता है और भरोसा कैसे बनता है
इस योजना में हर आयोजन का पहले हिसाब-किताब बनता है। ऊपर से मंजूरी मिलती है और फिर नियम के मुताबिक भुगतान होता है। इससे मजदूरों को भरोसा रहता है कि सब कुछ सही तरीके से हो रहा है।
🔔 ज़रूरी सूचना (श्रमिक भाइयों के लिए)
अगर आप भी निर्माण श्रमिक या नरेगा मजदूर हैं और
लेबर कार्ड, पेंशन, बीमारी सहायता, शादी सहायता या किसी भी योजना की जानकारी चाहते हैं,
तो अपने नज़दीकी पंचायत भवन या पंचायत सहायक से ज़रूर संपर्क करें।
👉 सही जानकारी समय पर मिलेगी, तभी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना क्या है?
प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक जागरूकता योजना है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) से जुड़ी योजनाओं, पंजीकरण, नवीनीकरण एवं लाभ प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करना है।
इस योजना का लाभ किन श्रमिकों को मिलता है?
इस योजना का उद्देश्य सीधे लाभ देना नहीं, बल्कि निर्माण श्रमिकों को जागरूक करना है। इसके अंतर्गत वे श्रमिक शामिल होते हैं जो भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े हैं और कल्याण बोर्ड में पंजीकरण के पात्र हैं
3. क्या प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना के लिए लेबर कार्ड होना आवश्यक है?
हाँ, अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक का लेबर कार्ड / श्रमिक पंजीकरण होना आवश्यक होता है। चेतना योजना के अंतर्गत श्रमिकों को लेबर कार्ड बनवाने और नवीनीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है।
पंचायत सहायक की भूमिका इस योजना में क्या होती है?
पंचायत सहायक श्रमिकों को योजना संबंधी सही जानकारी देता है, दस्तावेज़ों की जाँच में मार्गदर्शन करता है तथा उन्हें संबंधित सरकारी प्रक्रिया से जोड़ने में सहायता करता है। पंचायत सहायक श्रमिक और शासन के बीच संपर्क का कार्य करता है।
क्या कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में मिलती है?
हाँ, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की अधिकांश योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
यदि किसी योजना में आवेदन या भुगतान से संबंधित समस्या आए तो क्या करें?
यदि किसी श्रमिक को आवेदन, भुगतान या पात्रता से संबंधित समस्या आती है, तो वह अपने नज़दीकी पंचायत सहायक, श्रम विभाग कार्यालय या संबंधित कल्याण बोर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
निष्कर्ष: जानकारी ही सबसे बड़ी ताकत है
मेरे अनुभव में मजदूर को अगर सही समय पर सही जानकारी मिल जाए, तो वह खुद आगे बढ़ जाता है।
प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना गाँव के मजदूरों को जागरूक करने की सबसे मजबूत कड़ी है।
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👉 इस ग्रुप में योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और सामान्य मार्गदर्शन साझा किया जाता है।
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⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक हूँ
(जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया)।
यह जानकारी अनुभव व सामान्य प्रक्रिया पर आधारित है।
यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क (Free) है।
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