(UPBOCW लेबर कार्ड वालों के लिए | Shauchalay Online Registration)
भाई देखो, मैं पंचायत सहायक दीपक गुप्ता, पंचायती राज विभाग में आजमगढ़ के हरैया ब्लॉक में काम करता हूँ।
रोज़ पंचायत में बैठते-बैठते एक बात बहुत साफ दिखती है — लोगों को योजना है, पैसा है, लेकिन सही जानकारी नहीं है।
कोई कहता है पैसा बंद हो गया, कोई कहता है ऑनलाइन होता ही नहीं, कोई दलाल के चक्कर में फँस जाता है।
इसीलिए मैं ये बात अपनी भाषा में, बिल्कुल सीधे शब्दों में बता रहा हूँ —
ताकि गाँव का आदमी भी समझ जाए कि
Shauchalay Online Registration क्या है, कैसे होता है और पैसा कैसे मिलता है।
Table of Contents
शौचालय सहायता योजना आखिर है क्या?

देखो भाई, जिनके पास UPBOCW लेबर कार्ड है (यानी निर्माण श्रमिक का पंजीकरण),
सरकार उनके घर में शौचालय बनवाने के लिए ₹12,000 रुपये की मदद देती है।
ये कोई हवा-हवाई योजना नहीं है।
इसका सरकारी आदेश (GO) है,
सर्वे फॉर्म, आवेदन फॉर्म, घोषणा पत्र,
और सबसे आख़िर में स्वच्छ भारत मिशन का प्रमाण पत्र तक लगता है।
मतलब साफ है —
👉 काम असली है
👉 पैसा असली है
👉 बस प्रक्रिया सही से समझनी है
Shauchalay Online Registration के फायदे (Benefits)
अब फायदे भी साफ समझ लो:
- सरकार की तरफ से ₹12,000 सीधे बैंक खाते में
- कोई एजेंट, कोई कमीशन नहीं
- घर में शौचालय बनेगा, बाहर जाने की मजबूरी खत्म
- महिला सम्मान और बच्चों की सेहत दोनों बेहतर
- पंचायत स्तर पर पूरी प्रक्रिया, सब रिकॉर्ड में
भाई, ये उन गिनी-चुनी योजनाओं में से है
जिसमें पैसा भी है और जरूरत भी।
कौन लोग आवेदन कर सकते हैं? (Eligibility)
यहाँ ज़रा ध्यान से पढ़ना, यहीं सबसे ज़्यादा गड़बड़ होती है 👇
आप आवेदन कर सकते हो अगर:
- आपके पास UPBOCW लेबर कार्ड है
- कार्ड उत्तर प्रदेश का है
- घर में पहले से पक्का शौचालय नहीं है
- एक परिवार ने पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया
- लेबर कार्ड चालू / नवीनीकरण वाला है
अगर इनमें से एक भी चीज़ ग़लत है,
तो भाई सर्वे या वेरिफिकेशन में फाइल रुक जाती है।
आवेदन कैसे होता है? (Application Process – आसान भाषा में)
अब असली बात — ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
Step 1: पंचायत स्तर पर सर्वे

सबसे पहले पंचायत में
👉 पंचायत सहायक / ग्राम सचिव
घर-घर जाकर सर्वे करते हैं।
देखा जाता है:
- शौचालय है या नहीं
- लेबर कार्ड सही है या नहीं
Step 2: आवेदन फॉर्म
इसके बाद
👉 आवेदन फॉर्म भरा जाता है
और सभी कागज़ लगाए जाते हैं।
Step 3: ऑनलाइन एंट्री
अब जो लोग पूछते हैं
“ऑनलाइन कहाँ होता है?”
तो भाई सुन लो —
👉 पंचायत सहायक या डाटा एंट्री ऑपरेटर
👉 UP BOCW के ऑनलाइन सिस्टम में आपकी एंट्री करता है
👉 फोटो, बैंक डिटेल, आधार सब अपलोड होता है
Step 4: जांच-पड़ताल (Verification)
इसके बाद
👉 श्रम विभाग / संबंधित अधिकारी
सब कुछ चेक करते हैं।
Step 5: पैसा खाते में
सब सही रहा तो
👉 ₹12,000 सीधे DBT से खाते में 💰 2 किश्त में 6000
कौन-कौन से कागज़ लगते हैं? (Documents Required)

अब ये लिस्ट ध्यान से देख लो, यही सबसे ज़्यादा पूछी जाती है:
- UPBOCW लेबर कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (IFSC के साथ)
- मोबाइल नंबर
- आवेदन फॉर्म
- सर्वे फॉर्म
- घोषणा पत्र (Affidavit)
- शौचालय की फोटो (Geo-tagged)
- स्वच्छ भारत मिशन का स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र
अगर एक भी कागज़ मिस हुआ,
तो भाई फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
घोषणा पत्र (Affidavit) क्यों ज़रूरी है?

अब लोग पूछते हैं
“इतना झंझट क्यों?”
तो सुनो —
घोषणा पत्र में आप खुद लिखकर देते हो कि:
- शौचालय सच में बना है
- जानकारी सही है
- गलत निकली तो कार्रवाई हो सकती है
और सबसे आख़िर में
👉 स्वच्छ भारत मिशन का प्रमाण पत्र
जिस पर पंचायत और अधिकारी के साइन होते हैं।
यही कागज़ पैसा रिलीज होने से पहले का आख़िरी स्टेप है।
जन सेवा केंद्र (CSC) और पंचायत सहायक की भूमिका
ग्रामीण भाई-बहन ध्यान रखें:
- आवेदन में
👉 CSC
👉 पंचायत सहायक / डाटा एंट्री ऑपरेटर
की मदद ली जा सकती है।
लेकिन:
❌ किसी दलाल को पैसे मत दो
❌ “आज पैसा दिला देंगे” वाले झाँसे में मत आओ
सरकारी काम है,
थोड़ा समय लगता है लेकिन पैसा पक्का आता है।
कुछ आम सवाल (FAQ)
Shauchalay Online Registration के लिए कौन पात्र है?
भाई, वही लोग कर सकते हैं जिनके पास UPBOCW लेबर कार्ड है और जिनके घर में अभी तक पक्का शौचालय नहीं बना है। एक परिवार को यह लाभ सिर्फ एक बार मिलता है।
क्या Shauchalay Online Registration मोबाइल से हो जाता है?
सीधी बात करूँ तो आम आदमी खुद से मोबाइल पर नहीं करता।
यह काम ज़्यादातर पंचायत सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर या जन सेवा केंद्र (CSC) के ज़रिये ऑनलाइन किया जाता है।
पैसा पहले मिलेगा या शौचालय बनने के बाद?
अधिकतर मामलों में शौचालय बनने और जांच होने के बाद ही पैसा मिलता है।
सरकार पहले ये देखती है कि काम सही हुआ या नहीं, उसके बाद ही ₹12,000 खाते में भेजती है।
शौचालय ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में कितना समय लगता है?
अगर कागज़ पूरे और सही हों तो
👉 लगभग 4 से 8 हफ्ते में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
बीच में अगर कोई कागज़ अटक गया तो टाइम बढ़ भी सकता है।
आवेदन रिजेक्ट क्यों हो जाता है?
सबसे आम कारण ये होते हैं:
घर में पहले से शौचालय होना
गलत जानकारी देना
अधूरे दस्तावेज़
लेबर कार्ड एक्सपायर होना
इसलिए भाई, झूठ या अधूरी जानकारी मत दो, वरना फाइल वहीं रुक जाएगी।
क्या जन सेवा केंद्र (CSC) से आवेदन कर सकते हैं?
हाँ बिल्कुल कर सकते हैं।
CSC से फॉर्म भरवाना, दस्तावेज़ स्कैन कराना और ऑनलाइन एंट्री कराना पूरी तरह सही तरीका है।
पैसा खाते में कैसे आता है?
कोई कैश नहीं, कोई चेक नहीं।
सरकार सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिये पैसा आपके बैंक खाते में भेजती है
अगर पैसा न आए तो शिकायत कहाँ करें?
अगर काफी समय हो गया और पैसा नहीं आया है तो:
पहले पंचायत सहायक / ग्राम सचिव से बात करें
फिर श्रम विभाग / UPBOCW कार्यालय में जानकारी लें
सभी कागज़ साथ रखें, तभी सही जवाब मिलेगा
पंचायत सहायक की सीधी सलाह (निष्कर्ष)
भाई देखो,
Shauchalay Online Registration कोई मुश्किल काम नहीं है,
बस सही जानकारी और सही रास्ता चाहिए।
अगर आप पात्र हो:
- पंचायत से जुड़ो
- सही कागज़ लगाओ
- धैर्य रखो
सरकार की योजना है,
पैसा मिलेगा — लेकिन नियम से।
मैं यही चाहता हूँ कि
गाँव का आदमी सही जानकारी पाए,
किसी के चक्कर में न फँसे।
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⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं पंचायती राज विभाग, आजमगढ़ में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हूँ।
जो भी जानकारी दी जाती है, वह सामान्य प्रक्रिया और अनुभव के आधार पर होती है।
यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क (Free) है,
इसके लिए किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
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