Divyang Shadi Anudan Online | Viklang Shadi Anudan UP
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत यदि किसी व्यक्ति का विवाह दिव्यांग (विकलांग) व्यक्ति से होता है, तो सरकार की ओर से विवाह के बाद अनुदान राशि (आर्थिक सहायता) प्रदान की जाती है।
यह योजना उन परिवारों के लिए शुरू की गई है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके लिए विवाह का खर्च उठाना कठिन होता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन देने में सहयोग करना और विवाह से जुड़ी आर्थिक परेशानियों को कम करना है।
Table of Contents
मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाला लाभ (अनुदान राशि)
- मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी को विवाह के बाद एकमुश्त अनुदान राशि प्रदान की जाती है। यह राशि विवाह से संबंधित आवश्यक खर्चों में सहायता के लिए दी जाती है।
- मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना की अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की कटौती या बिचौलिया नहीं रहता।
- इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि शासनादेश / सरकारी आदेश के अनुसार निर्धारित की जाती है, जिसे समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा संशोधित किया जा सकता है।
- मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना Online Apply करने के बाद अनुदान राशि का भुगतान आवेदन स्वीकृत होने और सभी दस्तावेजों के सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही किया जाता है।
- यदि आवेदन में कोई त्रुटि पाई जाती है या दस्तावेज अधूरे अथवा गलत होते हैं, तो मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना की अनुदान राशि रोकी जा सकती है।
⚠️ नोट: मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना की अनुदान राशि जिला/राज्य स्तर पर जारी आदेश के अनुसार दी जाती है। अलग-अलग जिलों में भुगतान की समय-सीमा भिन्न हो सकती है।
मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Conditions)
इस योजना का लाभ लेने के लिए नीचे दी गई सभी शर्तें अनिवार्य हैं:
- मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना का लाभ लेने वाला आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- पति या पत्नी में से कोई एक दिव्यांग (विकलांग) होना अनिवार्य है।
- दिव्यांगता सरकारी अस्पताल / सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र से प्रमाणित होनी चाहिए।
- विवाह कानूनी रूप से वैध होना चाहिए और समाज अथवा विधि द्वारा मान्य हो।
- विवाह के समय:
- पुरुष की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- महिला की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- विवाह का पंजीकरण या वैध विवाह प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
- आवेदक ने पहले से मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना के अंतर्गत अनुदान का लाभ न लिया हो।
मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना में किन परिस्थितियों में आवेदन निरस्त हो सकता है
- यदि आवेदन फॉर्म में गलत जानकारी भरी जाती है या गलत / फर्जी दस्तावेज लगाए जाते हैं, तो मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना के अंतर्गत आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
- यदि आवेदक की आयु या विवाह की तिथि में गड़बड़ी पाई जाती है, अथवा भरी गई जानकारी प्रमाण पत्रों से मेल नहीं खाती, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
- यदि विकलांगता प्रमाण पत्र अमान्य पाया जाता है, एक्सपायर्ड होता है, या सरकारी अस्पताल / सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया होता है।
- यदि विवाह प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है या विवाह कानूनी रूप से प्रमाणित नहीं पाया जाता है।
- यदि लाभार्थी का बैंक खाता विवरण या आधार विवरण गलत पाया जाता है, जिसके कारण DBT के माध्यम से भुगतान संभव नहीं हो पाता।
- यदि आवेदक पहले से मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना के अंतर्गत अनुदान का लाभ ले चुका है, तो दोबारा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची (e-District के अनुसार)
आवेदन करते समय नीचे दिए गए दस्तावेज उसी क्रम में संलग्न करने होंगे, जैसा e-District पोर्टल में उपलब्ध है। अन्य कोई अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।
- फोटो (पति एवं पत्नी की संयुक्त या अलग-अलग, जैसा पोर्टल पर माँगा गया हो)
- जन्म प्रमाण पत्र
- अधिवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- विकलांगता प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- विवाह प्रमाण पत्र / विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
⚠️ महत्वपूर्ण निर्देश:
- उपरोक्त सभी दस्तावेज अनिवार्य (Mandatory) हैं।
- दस्तावेज अपलोड करते समय सही विकल्प (फोटो, आय, जाति, विकलांगता आदि) का चयन अवश्य करें।
- गलत श्रेणी में दस्तावेज अपलोड करने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
- सभी प्रमाण पत्र वैध एवं स्पष्ट होने चाहिए।
Divyang Shadi Anudan Online Apply करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के e-District Portal पर जाएँ। पोर्टल खुलने के बाद अपने जिले का चयन करें।
- पोर्टल की सेवा सूची में जाकर “Viklang Shadi Anudan Online” या “दिव्यांग विवाह अनुदान” सेवा का चयन करें।
- आवेदन फॉर्म खुलने पर उसमें पूछी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, विवाह तिथि, आयु आदि सावधानीपूर्वक भरें। जानकारी प्रमाण पत्रों से मेल खानी चाहिए।
- इसके बाद पोर्टल पर माँगे गए आवश्यक दस्तावेज (फोटो, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र आदि) सही श्रेणी में अपलोड करें।
- सभी जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें। सबमिट करने के बाद मिलने वाली रसीद / आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें, जिससे आगे चलकर आवेदन की स्थिति देखी जा सके।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
- आवेदन करते समय इंटरनेट कनेक्शन सही रखें।
- गलत जानकारी या गलत दस्तावेज अपलोड करने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
- आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन सीमित होता है।
Viklang Shadi Anudan Status कैसे देखें
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के e-District Portal को खोलें और अपने जिले का चयन करें।
- पोर्टल के मुख्य पेज पर उपलब्ध सेवाओं में से “Viklang Shadi Anudan Status” या “आवेदन की स्थिति” से संबंधित विकल्प पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपनी आवेदन संख्या / रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा।
- आवेदन संख्या दर्ज करने के बाद सर्च / सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपकी आवेदन की वर्तमान स्थिति (लंबित, स्वीकृत, अस्वीकृत आदि) स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।
⚠️ महत्वपूर्ण जानकारी:
- आवेदन संख्या वही डालें जो आवेदन सबमिट करते समय प्राप्त हुई हो।
- यदि आवेदन संख्या उपलब्ध न हो, तो संबंधित ब्लॉक या तहसील कार्यालय से संपर्क करें।
- स्टेटस में “Pending” दिखने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है, इसका मतलब आवेदन जांच प्रक्रिया में है।
आवेदन सत्यापन प्रक्रिया
- आवेदन जमा होने के बाद उसकी प्रारंभिक जांच ब्लॉक / तहसील स्तर पर संबंधित विभाग द्वारा की जाती है।
- जांच के दौरान आवेदन फॉर्म में भरी गई जानकारी को संलग्न दस्तावेजों से मिलान किया जाता है, जैसे आयु, विवाह तिथि, निवास, विकलांगता आदि।
- यदि सभी जानकारी और दस्तावेज सही एवं पूर्ण पाए जाते हैं, तो आवेदन को स्वीकृत कर दिया जाता है।
- यदि किसी दस्तावेज में कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो आवेदन लंबित (Pending) रखा जा सकता है या सुधार के लिए वापस भेजा जा सकता है।
- आवेदन स्वीकृत होने के बाद अनुदान राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।
⚠️ महत्वपूर्ण जानकारी:
- सत्यापन प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें।
- सत्यापन के दौरान मोबाइल नंबर पर सूचना प्राप्त हो सकती है।
- गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण निर्देश
- इस योजना के अंतर्गत किया जाने वाला आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
- आवेदन करने के लिए किसी दलाल, एजेंट या बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है। सभी सेवाएँ सरकारी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं।
- आवेदन फॉर्म में भरी जाने वाली सभी जानकारी प्रमाण पत्रों से मिलती-जुलती होनी चाहिए। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
- आवेदन करते समय दिया गया मोबाइल नंबर चालू रखें, क्योंकि आवेदन से संबंधित सूचना और स्थिति की जानकारी उसी नंबर पर भेजी जाती है।
- आवेदन संख्या / रसीद को भविष्य के लिए सुरक्षित रखें, जिससे स्टेटस देखने में कोई परेशानी न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके अंतर्गत दिव्यांग (विकलांग) व्यक्ति से विवाह करने पर अनुदान राशि दी जाती ह/
प्रश्न: विकलांग लोगों के लिए प्रधानमंत्री योजना क्या है?
उत्तर: विकलांग व्यक्तियों के लिए पेंशन, सहायता उपकरण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएँ चलती हैं।
प्रश्न: 2025 में सामूहिक विवाह कब होंगे?
उत्तर: सामूहिक विवाह की तिथि जिला प्रशासन द्वारा अलग-अलग समय पर घोषित की जाती है।
प्रश्न: दिव्यांग विवाह योजना क्या है?
उत्तर: यह एक सरकारी योजना है, जिसमें दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने पर आर्थिक सहायता दी जाती है।
प्रश्न: विकलांग से शादी करने पर कितना पैसा मिलता है?
उत्तर: विकलांग व्यक्ति से विवाह करने पर सरकार द्वारा अनुदान राशि दी जाती है, जो शासनादेश के अनुसार तय होती है।
प्रश्न: अंतर्जातीय विवाह के लिए 2.5 लाख कैसे प्राप्त करें?
उत्तर: यह राशि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मिलती है।
प्रश्न: दिव्यांग पेंशन 2025 में कितना मिलेगा?
उत्तर: दिव्यांग पेंशन की राशि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।
प्रश्न: विकलांग सर्टिफिकेट पर कौन-सी बैंक लोन देती है?
उत्तर: विकलांग प्रमाण पत्र पर राष्ट्रीयकृत बैंक सरकारी योजनाओं के तहत ऋण देते हैं।
प्रश्न: विकलांग व्यक्ति से शादी करने से क्या होता है?
उत्तर: विवाह के बाद विवाह अनुदान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग मिलता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विकलांग विवाह योजना दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सरकार की एक सराहनीय सामाजिक कल्याण योजना है। इस योजना के माध्यम से सरकार विवाह के बाद आर्थिक सहायता (अनुदान राशि) देकर जरूरतमंद परिवारों की मदद करती है।
जो भी पात्र लाभार्थी इस योजना की शर्तें पूरी करते हैं, वे समय रहते Divyang Shadi Anudan Online Apply कर इस योजना का लाभ अवश्य लें। आवेदन निःशुल्क है और पूरी प्रक्रिया सरकारी पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाती है।
अधिक जानकारी या सहायता के लिए अपने ब्लॉक, तहसील या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

