महात्मा गांधी पेंशन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना खासतौर पर लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड धारक निर्माण श्रमिकों के लिए बनाई गई है, जो वृद्धावस्था में नियमित रूप से काम करने में असमर्थ हो जाते हैं और जिनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं बचता।
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक (जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया), अपने कार्य अनुभव के आधार पर यह लेख लिख रहा हूँ, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के निर्माण श्रमिक, लेबर कार्ड धारक, श्रमिक कार्ड धारक और नरेगा मजदूर इस योजना से जुड़ी सही, स्पष्ट और सरकारी जानकारी एक ही जगह प्राप्त कर सकें और किसी भी प्रकार की फर्जी वेबसाइट, दलाल या भ्रामक सूचना से बच सकें।
इस ब्लॉग में आपको महात्मा गांधी पेंशन योजना UPBOCW, पात्रता, पेंशन राशि, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और पंचायत सहायक / जन सेवा केंद्र (CSC) की भूमिका की पूरी जानकारी सरल भाषा में दी गई है। साथ ही पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लेबर कार्ड, श्रमिक कार्ड, लेबर कार्ड की योजना, नरेगा मजदूर जैसे जरूरी कीवर्ड का स्वाभाविक उपयोग किया गया है, ताकि यह जानकारी Google पर खोजने वाले श्रमिक भाइयों तक आसानी से पहुँच सके।
Table of Contents
🔷 योजना का उद्देश्य (पंचायत सहायक की नजर से)

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत निर्माण श्रमिक और नरेगा मजदूर अपना पूरा जीवन कठिन शारीरिक श्रम में लगा देते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर साथ नहीं देता और आय का साधन धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। मैंने स्वयं पंचायत भवन और जन सेवा केंद्र पर ऐसे कई श्रमिकों को देखा है, जो 60 वर्ष की आयु के बाद भी मजबूरी में काम ढूंढते रहते हैं।
इसी समस्या को देखते हुए महात्मा गांधी पेंशन योजना की शुरुआत की गई, ताकि UPBOCW में पंजीकृत श्रमिकों को वृद्धावस्था में एक निश्चित मासिक आय मिल सके और उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
🔷 महात्मा गांधी पेंशन योजना क्या है?
महात्मा गांधी पेंशन योजना भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत संचालित की जाती है। इस योजना का लाभ वही श्रमिक ले सकते हैं—
- जिनके पास वैध लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड है
- जो UPBOCW बोर्ड में नियमित रूप से पंजीकृत रहे हैं
जब कोई श्रमिक 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेता है, तब उसे इस योजना के अंतर्गत मासिक पेंशन दी जाती है। यह पेंशन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जिलों—जैसे आजमगढ़, हरैया ब्लॉक सहित—पूरी तरह लागू है।
🔷 योजना के प्रमुख लाभ (Benefits)
महात्मा गांधी पेंशन योजना के अंतर्गत श्रमिकों को कई और लाभ मिलते हैं—
- ✔️ नियमित पेंशन की सुविधा
- ✔️ पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर
- ✔️ वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा और सम्मान
- ✔️ लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड धारकों के लिए सुरक्षित भविष्य
- ✔️ श्रमिक की मृत्यु के बाद पति/पत्नी को पारिवारिक पेंशन
पंचायत सहायक के रूप में मेरा अनुभव है कि यह योजना उन श्रमिकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं बचता।
🔷 पात्रता (Eligibility Criteria)
महात्मा गांधी पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करना अनिवार्य है—
- आवेदक UPBOCW में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए
- उसके पास लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड होना जरूरी है
- आवेदक की आयु 60 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए
- कम से कम 5 वर्ष तक बोर्ड का सक्रिय सदस्य रहा हो
- किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
यदि इन सभी शर्तों को आप पूरा करते हैं, तो आप इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
🔷 पेंशन की धनराशि (Pension Amount)

| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मासिक पेंशन राशि | ₹1,000 प्रतिमाह |
| लाभार्थी की मृत्यु पर | पेंशन राशि पत्नी / पति (जैसी भी स्थिति हो) को देय |
| पेंशन में वृद्धि | प्रत्येक 02 वर्ष बाद ₹50 की वृद्धि |
| अधिकतम पेंशन राशि | ₹1,250 प्रतिमाह तक |
| प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना | पंजीकृत श्रमिकों के अंशदान का वहन बोर्ड द्वारा किया जाएगा |
नोट: पेंशन राशि संबंधित शासनादेश/योजना के अनुसार समय-समय पर परिवर्तित हो सकती है। नवीनतम जानकारी के लिए जिला श्रम कार्यालय या UPBOCW पोर्टल से पुष्टि अवश्य करें।
यह जानकारी UPBOCW से संबंधित उपलब्ध शासनादेशों के आधार पर तैयार की गई है।
पेंशन राशि श्रमिक के जीवित रहने तक दी जाती है। यदि दुर्भाग्यवश श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो पात्र पति/पत्नी को पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाती है।
🔷 आवेदन प्रक्रिया (पंचायत सहायक / जन सेवा केंद्र से)

मेरे अनुभव में, अधिकतर श्रमिक पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र (CSC) या डाटा एंट्री ऑपरेटर के माध्यम से आवेदन कराते हैं। आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है—
- श्रमिक 60 वर्ष की आयु से 3 माह पूर्व आवेदन कर सकता है
- आवेदन श्रम कार्यालय / तहसील / विकास खंड कार्यालय में किया जाता है
- पंचायत सहायक द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है
- आवेदन जिला श्रम कार्यालय को अग्रसारित होता है
- जनपद स्तरीय समिति द्वारा आवेदन की जांच व स्वीकृति
आवेदन की स्थिति की जानकारी आप पंचायत सहायक या जिला श्रम कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
🔷 आवेदन करते समय आम गलतियाँ
मेरे पंचायत सहायक के अनुभव में, आवेदन करते समय श्रमिक निम्नलिखित गलतियाँ अक्सर कर देते हैं—
- जीवित प्रमाण पत्र समय पर न देना
- बैंक खाता बंद / आधार से लिंक न होना
- लेबर कार्ड का नवीनीकरण न कराना
- दलाल को पैसे देना
🔷 आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
| क्रम संख्या | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|
| 1 | लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड (UPBOCW) |
| 2 | आधार कार्ड |
| 3 | बैंक पासबुक (आधार से लिंक) |
| 4 | आयु प्रमाण पत्र (60 वर्ष पूर्ण होने का प्रमाण) |
| 5 | स्थायी निवास प्रमाण पत्र (उत्तर प्रदेश) |
| 6 | पासपोर्ट साइज फोटो |
| 7 | शपथ पत्र (किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ न लेने का) |
🔷 पेंशन स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया
जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा सभी पात्र आवेदनों को स्वीकृति दी जाती है। स्वीकृति मिलने के बाद—
- पेंशन का भुगतान प्रत्येक माह किया जाता है
- राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में EFT/DBT के माध्यम से भेजी जाती है
- हर वर्ष अप्रैल माह में जीवित प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है
🔷 कठिनाइयों का निवारण
यदि आवेदन, पेंशन स्वीकृति या भुगतान से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उसका समाधान उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव द्वारा किया जाता है। श्रमिक अपने नजदीकी पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र या जिला श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
🔷 पंचायत सहायक दीपक गुप्ता की सलाह (Important Tips)
- लेबर कार्ड का समय पर नवीनीकरण कराएं
- बैंक खाता आधार से लिंक और सक्रिय रखें
- किसी भी फर्जी एजेंट या दलाल से बचें
- केवल पंचायत सहायक, CSC या सरकारी कार्यालय से ही आवेदन कराएं
- नरेगा मजदूर यदि निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं, तो योजना का लाभ अवश्य लें
🔷 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. महात्मा गांधी पेंशन योजना किसके लिए है?
उत्तर: यह योजना UPBOCW में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए है, जिनके पास वैध लेबर कार्ड है।
Q2. महात्मा गांधी पेंशन योजना में कितनी उम्र होने पर पेंशन मिलती है?
उत्तर: 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद।
Q3. प्रतिमाह कितनी पेंशन राशि मिलती है?
उत्तर: पात्र श्रमिक को ₹1000 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।
पेंशन राशि में प्रत्येक 02 वर्ष बाद ₹50 की वृद्धि होती है,
जो अधिकतम ₹1250 प्रतिमाह तक हो सकती है।
Q4. नरेगा मजदूर क्या महात्मा गांधी पेंशन योजना में आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यदि उनके पास UPBOCW लेबर कार्ड है।
Q5. लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने पर पेंशन किसे मिलेगी?
उत्तर: पत्नी या पति (जैसी भी स्थिति हो) को।
Q6. महात्मा गांधी पेंशन योजना के लिए आवेदन कहाँ से करें?
उत्तर: पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र (CSC) या जिला श्रम कार्यालय से।
यह लेख पंचायत सहायक के अनुभव एवं UPBOCW से संबंधित सरकारी आदेशों के आधार पर तैयार किया गया है।
🔷 निष्कर्ष (Conclusion)
मेरे अनुभव के अनुसार, महात्मा गांधी पेंशन योजना लेबर कार्ड और श्रमिक कार्ड धारकों के लिए एक भरोसेमंद और उपयोगी योजना है। यदि सही जानकारी और सही प्रक्रिया अपनाई जाए, तो ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिक बिना किसी परेशानी के इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
अगर आप या आपके गाँव का कोई श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है, तो नजदीकी पंचायत सहायक या जन सेवा केंद्र से संपर्क करें और सही तरीके से आवेदन कराएं।
मैं, दीपक गुप्ता – पंचायत सहायक, हरैया ब्लॉक, आजमगढ़, आशा करता हूँ कि यह लेख आपको सही दिशा में मार्गदर्शन देगा और आप या आपके आसपास के जरूरतमंद श्रमिक भाई इस योजना का पूरा लाभ उठा पाएंगे।
📌 महात्मा गांधी पेंशन योजना की सहायता के लिए WhatsApp Group से जुड़ें
अगर आपको महात्मा गांधी पेंशन योजना (UPBOCW), लेबर कार्ड, श्रमिक कार्ड या आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या या कन्फ्यूजन हो, तो आप नीचे दिए गए WhatsApp Group से जुड़ सकते हैं।
👉 इस ग्रुप में योजना, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और सामान्य जानकारी साझा की जाती है।
👉 WhatsApp Group Join करें
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक (जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया) हूँ।
यहाँ दी जाने वाली जानकारी सामान्य प्रक्रिया और अनुभव के आधार पर होती है।
यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क (Free) है।
❌ कृपया कॉल न करें, केवल WhatsApp Group के माध्यम से ही जुड़ें।

