Table of Contents
1️⃣ परिचय (Introduction)
शादी अनुदान लेबर कार्ड योजना उत्तर प्रदेश श्रम विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है, जो पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जाती है।। इस योजना के अंतर्गत श्रमिक कार्ड विवाह योजना UP के माध्यम से श्रमिक परिवारों को बेटी की शादी पर आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि गरीब और मजदूर परिवारों को विवाह के समय आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े।
वर्तमान में 2026 में लागू नियमों के अनुसार यह सहायता राशि सीधे बैंक खाते में (DBT) के माध्यम से दी जाती है, जिससे किसी प्रकार की दलाली, कटौती या भटकाव की स्थिति नहीं रहती।
लेबर कार्ड से जुड़ी अन्य सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए
👉 https://panchayatsahayak.com/labour-card-yojana/
2️⃣ कन्या विवाह सहायता योजना क्या है?
- कन्या विवाह सहायता योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा संचालित एक सरकारी योजना है।
- यह योजना खास तौर पर निर्माण श्रमिक (लेबर कार्ड धारक) परिवारों के लिए बनाई गई है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर परिवारों की आमदनी सीमित होती है और रोज़ की कमाई से घर चलाना ही मुश्किल हो जाता है।
- ऐसे में जब घर में बेटी की शादी आती है, तो कई परिवारों को कर्ज लेना, ज़मीन या गहने गिरवी रखना पड़ता है।
- इसी गरीबी और आर्थिक मजबूरी को देखते हुए सरकार इस योजना के तहत बेटी की शादी पर आर्थिक सहायता देती है।
- योजना का उद्देश्य यह है कि श्रमिक परिवार बेटी की शादी सम्मान के साथ कर सकें और उन्हें भारी आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
📝 पंचायत सहायक की सलाह
अगर आपके घर में बेटी की शादी है और आपके पास लेबर कार्ड है, तो बिना देर किए शादी अनुदान लेबर कार्ड योजना की जानकारी जरूर लें।
गाँव में कई लोग जानकारी के अभाव में समय पर आवेदन नहीं कर पाते और बाद में पछताते हैं।
3️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड से क्यों दिया जाता है?
निर्माण श्रमिकों की आय सीमित होती है और शादी जैसे सामाजिक कार्य में भारी खर्च आता है। इसी वजह से सरकार DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजती है, ताकि पैसा सही लाभार्थी तक पहुँचे। शादी जैसे सामाजिक कार्य में भारी खर्च आता है। इसी कारण सरकार DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे खाते में सहायता राशि देती है।
4️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड योजना के मुख्य लाभ (Benefits)
(पंचायत सहायक की नज़र से)
- शादी अनुदान लेबर कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पैसा सीधे बैंक खाते में आता है।
गाँव में पहले लोग एजेंट और दलाल के चक्कर में फँस जाते थे, लेकिन अब पैसा सीधा खाते में (DBT) आता है, इसलिए कटौती या धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं रहती। - पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने की वजह से बार-बार दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
पहले लोग कागज़ लेकर तहसील–ब्लॉक दौड़ते थे, अब आवेदन एक जगह से हो जाता है। - जिन लोगों को ऑनलाइन फॉर्म भरना नहीं आता, उनके लिए CSC या पंचायत सहायक से आवेदन सुविधा उपलब्ध है।
गाँव में बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं और गलती होने की संभावना कम रहती है। - आवेदन सही होने पर तय समय-सीमा में भुगतान किया जाता है।
यानी फॉर्म सही भरा, काग़ज़ पूरे रहे, तो पैसा महीनों अटकता नहीं है और शादी के समय काम आ जाता है।
5️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड की राशि कितनी मिलती है?
(राशि UPBOCW द्वारा निर्धारित है और वर्तमान में यही लागू है)
| विवाह की श्रेणी | मिलने वाली सहायता राशि | पंचायत सहायक की समझ में |
|---|---|---|
| सामान्य विवाह | ₹65,000 | अगर बेटी की शादी सामान्य तरीके से होती है, तो आवेदन सही होने पर ₹65,000 की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। |
| अंतरजातीय विवाह | ₹75,000 | लड़का और लड़की अलग-अलग जाति से होने पर सरकार प्रोत्साहन के रूप में ₹75,000 की सहायता देती है। इसमें दस्तावेज़ों की जाँच थोड़ी सख्त होती है। |
| सामूहिक विवाह | अलग प्रावधान | सामूहिक विवाह के लिए नियम और सहायता राशि अलग होती है। इसकी पूरी जानकारी अलग से दी जाती है। |
6️⃣शादी अनुदान लेबर कार्ड में हाल के वर्षों में किए गए प्रमुख बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा शादी अनुदान लेबर कार्ड योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बढ़े और फर्जीवाड़े पर रोक लग सके।
- आवेदन की समय-सीमा बढ़ाई गई
- सहायता राशि में वृद्धि
- दस्तावेज़ों की जांच सख्त
- गलत जानकारी पर वसूली का प्रावधान
| पहले क्या व्यवस्था थी | वर्तमान में क्या व्यवस्था है |
|---|---|
| आवेदन की समय-सीमा विवाह के 3 माह के भीतर थी। | आवेदन की समय-सीमा बढ़ाकर विवाह के 6 माह के भीतर कर दी गई है। |
| ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणपत्र या परिवार रजिस्टर की नकल लगाकर आवेदन किया जाता था। | अब आवेदन के लिए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। |
| दस्तावेज़ों की सामान्य जाँच होती थी। | दस्तावेज़ों की जाँच प्रक्रिया सख्त कर दी गई है। |
| गलत जानकारी पर स्पष्ट कार्रवाई का प्रावधान नहीं था। | गलत जानकारी देने पर वसूली का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। |
7️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड की पात्रता (Eligibility)
| क्रम | पात्रता की शर्त | विस्तृत विवरण (पंचायत सहायक की भाषा में) |
|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश का निवासी | आवेदक स्थायी रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। बाहर के राज्य के श्रमिक इस योजना में पात्र नहीं होते। |
| 2 | वैध लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड | आवेदक के पास श्रम विभाग द्वारा जारी वैध और सक्रिय लेबर कार्ड होना अनिवार्य है। |
| 3 | UPBOCW में कम से कम 1 वर्ष का पंजीकरण | लेबर कार्ड का पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष (12 माह) पुराना होना चाहिए। नया कार्ड होने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता। |
| 4 | पिछले 12 माह में 90 दिन की मजदूरी | आवेदक द्वारा पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य में मजदूरी किया जाना आवश्यक है। इसकी पुष्टि श्रम विभाग के रिकॉर्ड से की जाती है। |
| 5 | लेबर कार्ड का समय पर रिन्यूअल | लेबर कार्ड समय पर नवीनीकरण (Renewal) होना चाहिए। एक्सपायर या लंबे समय से रिन्यू न हुआ कार्ड होने पर आवेदन रोक दिया जाता है। |
| 6 | अन्य समान योजना का लाभ न लिया हो | उसी विवाह के लिए किसी अन्य राज्य या केंद्र सरकार की विवाह सहायता योजना का लाभ पहले न लिया गया हो। |
| 7 | कन्या एवं वर की न्यूनतम आयु | कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। |
| 8 | पुत्रियों की संख्या की सीमा | शादी अनुदान का लाभ एक परिवार को अधिकतम दो पुत्रियों तक ही दिया जाता है। |
आवेदन सबमिट करने के बाद उसकी रसीद या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में शादी अनुदान लेबर कार्ड का स्टेटस चेक किया जा सके।
8️⃣शादी अनुदान लेबर कार्ड आयु सीमा व पुत्री संख्या
- कन्या की न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
- वर की न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
- अधिकतम दो पुत्रियों तक लाभ
9️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)

नीचे दिए गए सभी दस्तावेज़ स्पष्ट, स्वप्रमाणित (Self-Attested) और सही क्रम में अपलोड करना अनिवार्य है।
| लड़की (पुत्री) पक्ष से संबंधित दस्तावेज़ | लड़का (वर) पक्ष से संबंधित दस्तावेज़ |
|---|---|
|
1️⃣ संबंधित पुत्री की आयु के संबंध में
जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट /
परिवार रजिस्टर की स्वप्रमाणित प्रति 2️⃣ पुत्री यदि गोद ली गई है, तो उससे संबंधित यथाप्रमाणित अभिलेख | 1️⃣ संबंधित वर की आयु के संबंध में जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट / परिवार रजिस्टर की स्वप्रमाणित प्रति |
| दोनों पक्षों के लिए समान (कॉमन) आवश्यक दस्तावेज़ | |
|
3️⃣ विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र 4️⃣ विवाह होने से संबंधित वर–वधु का फोटोग्राफ (श्रमिक द्वारा स्वप्रमाणित) 5️⃣ लाभार्थी पंजीकृत श्रमिक का कुटुंब रजिस्टर / राशन कार्ड अथवा समतुल्य अभिलेख (स्वप्रमाणित) 6️⃣ पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य में कार्यरत होने का नियोजन / स्वघोषणा प्रमाण पत्र 7️⃣ केंद्र / राज्य सरकार के अधीन संचालित समान प्रकार की किसी योजना में लाभ न लेने का स्वघोषणा पत्र (अनिवार्य) | |
- विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र स्पष्ट और पूरा न होना
- लड़की/लड़के की आयु के दस्तावेज़ आपस में मेल न खाना
- 90 दिन की मजदूरी का प्रमाण गलत फॉर्मेट में होना
- लेबर कार्ड का समय पर रिन्यूअल न होना
- दस्तावेज़ या फोटो बिना स्वप्रमाणित अपलोड करना
- ✔️ विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (स्पष्ट स्कैन)
- ✔️ पुत्री की आयु प्रमाण (स्वप्रमाणित)
- ✔️ वर की आयु प्रमाण (स्वप्रमाणित)
- ✔️ गोद ली गई पुत्री का प्रमाण (यदि लागू)
- ✔️ कुटुंब रजिस्टर / राशन कार्ड
- ✔️ वर–वधु का फोटो (स्वप्रमाणित)
- ✔️ पिछले 12 माह की 90 दिन की मजदूरी का प्रमाण
- ✔️ समान योजना का लाभ न लेने का स्वघोषणा पत्र
🔟 श्रम विभाग पंजीकरण Online UP कैसे करें?
यदि आपके पास लेबर कार्ड नहीं है, तो पहले
👉 श्रम विभाग पंजीकरण Online UP
के माध्यम से पंजीकरण करना अनिवार्य है
1️⃣1️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड सामान्य विवाह की आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका लेबर कार्ड अपडेट है। अगर कार्ड में कोई गलती है या वह एक्सपायर है, तो पहले उसे ठीक कर लें।
- इसके बाद UPBOCW पोर्टल पर जाएँ या नज़दीकी CSC केंद्र से आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
- आवेदन फॉर्म को ध्यान से भरें और सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें।
- मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज़ को स्पष्ट रूप से अपलोड करें।
- सारी जानकारी जांचने के बाद आवेदन सबमिट करें और उसकी रसीद/रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखें।
👉 आवश्यकता पड़ने पर लेबर कार्ड डाउनलोड यहाँ से कर सकते हैं:
1️⃣2️⃣ सामूहिक विवाह
- सामूहिक विवाह की स्थिति में नियम, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया सामान्य विवाह से अलग होती है।
- सामूहिक विवाह तभी मान्य माना जाता है, जब कम से कम 11 जोड़ों का विवाह एक ही स्थान पर, एक ही कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया जाए।
- ऐसी स्थिति में श्रमिक परिवार की पुत्री के विवाह हेतु ₹85,000 (पचासी हजार रुपये मात्र) की आर्थिक सहायता राशि UPBOCW बोर्ड द्वारा प्रदान की जाती है।
- इसके अलावा सामूहिक विवाह के आयोजन में होने वाले खर्च के लिए ₹15,000 प्रति जोड़ा की दर से राशि बोर्ड द्वारा आयोजनकर्ता को भुगतान की जाती है।
- यह राशि विवाह स्थल, व्यवस्था, सामग्री आदि खर्चों को पूरा करने के लिए दी जाती है।
- यदि किसी कारणवश विवाह के समय दोनों पक्षों में से कोई एक पक्ष उपस्थित नहीं होता, तो उस स्थिति में मामला सामान्य या अंतर्जातीय विवाह (जैसी भी स्थिति लागू हो) के अंतर्गत माना जाएगा।
- ऐसी दशा में पहले से पोशाक (कपड़े) हेतु अग्रिम रूप में दी गई राशि को कुल देय धनराशि में समायोजित कर लिया जाता है।
1️⃣3️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड से आवेदन की समय-सीमा
- सामान्य विवाह: विवाह के 6 माह के भीतर
- समय-सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होता
1️⃣4️⃣ पैसा कब और कैसे मिलेगा?
- आवेदन की जांच श्रम विभाग द्वारा
- स्वीकृति मिलने के बाद
- 15 दिनों के भीतर DBT से बैंक खाते में भुगतान
1️⃣5️⃣ शादी अनुदान लेबर कार्ड आवेदन रिजेक्ट होने के कारण
(पंचायत सहायक की नज़र से
- सबसे बड़ा कारण यह होता है कि लेबर कार्ड का समय पर रिन्यूअल नहीं कराया गया होता।
गाँव में कई लोग कार्ड बनवा लेते हैं, लेकिन सालों तक रिन्यू नहीं कराते, ऐसे में आवेदन सीधे रोक दिया जाता है। - कई मामलों में लेबर कार्ड को एक साल पूरा नहीं हुआ होता।
नया कार्ड होने पर चाहे शादी हो चुकी हो, फिर भी आवेदन मान्य नहीं किया जाता। - पिछले 12 महीनों में 90 दिन की मजदूरी पूरी न होना
आवेदन रद्द होने का सबसे मुख्य कारण यही होता है। - गलत या फर्जी दस्तावेज़ लगाने पर भी आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
जैसे – गलत जन्मतिथि, गलत फोटो, अधूरे काग़ज़। - परिवार रजिस्टर की नकल में गड़बड़ी होना आजकल एक बड़ा कारण बन गया है।
कई लोग फर्जी या एडिट की हुई परिवार रजिस्टर नकल बनवाकर लगा देते हैं,
लेकिन जाँच में यह तुरंत पकड़ में आ जाता है। - शादी की तारीख में हेरफेर करना भी एक आम गलती है।
तारीख बदलने से समय-सीमा नहीं बचती, बल्कि आवेदन सीधे रुक जाता है। - कुछ मामलों में वास्तविक श्रमिक न होते हुए भी आवेदन कर दिया जाता है।
जैसे सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति लेबर कार्ड के नाम से आवेदन कर देता है — ऐसे आवेदन खारिज हो जाते हैं। - कई बार शादी हुई ही नहीं होती, लेकिन पैसा पहले लेने के चक्कर में
फर्जी आवेदन कर दिया जाता है।
जाँच में सच्चाई सामने आने पर आवेदन रद्द हो जाता है और आगे कार्रवाई भी हो सकती है। - देरी से आवेदन करना भी एक बड़ा कारण है।
शादी के 6 महीने से ज़्यादा समय बाद आवेदन करने पर फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाता।
1️⃣6️⃣FAQs – लोगों के मन में उठने वाले आम सवाल
Q1. शादी अनुदान लेबर कार्ड से क्या है और यह योजना कौन चलाता है?
👉 शादी अनुदान लेबर कार्ड से मिलने वाली सहायता यूपी श्रम विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा दी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देना है, ताकि गरीब श्रमिक परिवारों पर बोझ कम हो।
Q2. शादी अनुदान लेबर कार्ड से 2026 में कितनी राशि मिलती है?
👉 वर्तमान में 2026 में लागू नियमों के अनुसार:
सामान्य विवाह पर ₹65,000
अंतरजातीय विवाह पर ₹75,000
की सहायता राशि दी जाती है।
यह राशि सीधे DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।
Q3. शादी अनुदान के लिए आवेदन की समय-सीमा पहले क्या थी और अब क्या है?
👉 पहले क्या था:
पहले सामान्य विवाह के लिए आवेदन विवाह की तारीख से 3 माह (90 दिन) के भीतर करना अनिवार्य था।
👉 अब क्या है (2026 में):
अब आवेदन की समय-सीमा बढ़ाकर 6 माह (180 दिन) कर दी गई है।
यदि 6 माह से अधिक समय हो जाता है, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
Q4. क्या बिना लेबर कार्ड शादी अनुदान मिल सकता है?
👉 नहीं।
शादी अनुदान का लाभ लेने के लिए आवेदक का श्रमिक कार्ड / लेबर कार्ड होना अनिवार्य है और वह UPBOCW में पंजीकृत होना चाहिए।
बिना पंजीकरण के आवेदन करने पर फॉर्म स्वतः निरस्त हो जाता है।
Q5. शादी अनुदान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं?
👉 आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज़ जरूरी होते हैं:
लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड
आधार कार्ड
विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
कन्या व वर का आयु प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक
शपथ पत्र
परिवार रजिस्टर नकल / राशन कार्ड (कई जिलों में मान्य)
Q6. क्या एक परिवार की सभी बेटियों को शादी अनुदान मिलेगा?
👉 नहीं।
शादी अनुदान का लाभ अधिकतम दो पुत्रियों तक ही दिया जाता है, चाहे परिवार में बेटियों की संख्या इससे अधिक क्यों न हो
Q7. शादी अनुदान का पैसा कब और कैसे मिलता है?
👉 आवेदन करने के बाद:
श्रम विभाग द्वारा दस्तावेज़ों की जाँच होती है
आवेदन स्वीकृत होने पर
15 से 30 दिनों के भीतर DBT के माध्यम से पैसा सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाता है
Q8. किन कारणों से शादी अनुदान का आवेदन रद्द किया जा सकता है?
👉 निम्न स्थितियों में आवेदन रद्द हो सकता है:
फर्जी या गलत दस्तावेज़ लगाए जाने पर
कन्या/वर की आयु निर्धारित सीमा से कम होने पर
पहले किसी समान योजना का लाभ लिया हो
विवाह के 6 माह बाद आवेदन करने पर
गलत जानकारी या तथ्य छुपाने पर
🧠 पंचायत सहायक की आख़िरी बात
अगर आपने यहाँ तक पूरा पढ़ लिया है, तो समझ लीजिए कि आप शादी अनुदान लेबर कार्ड योजना की लगभग पूरी सही जानकारी ले चुके हैं।
अब गलती सिर्फ वहीं होती है, जहाँ लोग जल्दबाज़ी करते हैं या आधी-अधूरी जानकारी में फॉर्म भर देते हैं।
ध्यान बस इतना रखें कि लेबर कार्ड समय पर रिन्यू हो,
पिछले 12 महीनों में 90 दिन की मजदूरी पूरी हो,
और शादी के 6 महीने के अंदर ही आवेदन किया जाए।
किसी के कहने में आकर फर्जी तारीख, गलत काग़ज़ या झूठी जानकारी मत डालिए, क्योंकि अब जाँच पहले से ज़्यादा सख्त हो चुकी है।
अगर किसी बात में कन्फ्यूजन हो, तो CSC या पंचायत सहायक से पूछकर ही आवेदन करें।
सही तरीके से आवेदन करेंगे, तो सरकार की यह मदद मिलना कोई मुश्किल काम नहीं है — यह आपका हक़ है।
📌 शादी अनुदान लेबर कार्ड से | कन्या विवाह सहायता योजना (UPBOCW) 2026
लेबर कार्ड धारकों के लिए WhatsApp सहायता ग्रुप
कन्या विवाह सहायता योजना (UPBOCW) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड धारकों की बेटियों के विवाह के लिए शादी अनुदान प्रदान करने हेतु संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है।
अगर आपको शादी अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी भी प्रकार का कन्फ्यूजन, तकनीकी समस्या या प्रक्रिया संबंधी परेशानी आती है, तो आप नीचे दिए गए WhatsApp सहायता ग्रुप से जुड़कर अपनी समस्या का समाधान पूरी हेल्पलाइन सहायता के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
👉 इस WhatsApp ग्रुप के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, फॉर्म भरने की सही विधि और आवेदन की स्थिति (Status) से जुड़ी जानकारी में व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक हूँ
(जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया)।
यह सहायता मेरे अनुभव एवं सामान्य सरकारी प्रक्रिया पर आधारित है और
पूरी तरह निःशुल्क (Free) प्रदान की जाती है।
🌐 Official Guide Platform: PANCHAYATSAHAYAK.COM
❌ कृपया कॉल न करें, केवल WhatsApp Group के माध्यम से ही संपर्क करें।

