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गंभीर बीमारी सहायता योजना क्या है?
गंभीर बीमारी सहायता योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक ऐसी योजना है, जो तब काम आती है जब घर की हालत सबसे ज़्यादा खराब होती है। गाँव में काम करते हुए मैंने कई बार देखा है कि जैसे ही किसी परिवार में कोई गंभीर बीमारी आ जाती है, पूरा घर हिल जाता है। इलाज का खर्च इतना ज़्यादा होता है कि मेहनत-मजदूरी करने वाला परिवार उसे उठा ही नहीं पाता।
यह योजना खास तौर पर पंजीकृत श्रमिक परिवारों के लिए है — जैसे लेबर कार्ड धारक, नरेगा मजदूर और निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक। ये लोग रोज़ मेहनत करके घर चलाते हैं, लेकिन जब बात बड़े इलाज की आती है तो हजारों-लाखों रुपये का खर्च उनके बस से बाहर हो जाता है। ऐसे समय में यही योजना उनके लिए असली सहारा बनती है।
गाँव-देहात में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि लोगों को सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। इसी वजह से कई बार पात्र होने के बावजूद लोग योजना का लाभ नहीं ले पाते। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह लेख सरकारी आदेशों, नियमों और पंचायत स्तर पर रोज़ देखी जाने वाली हकीकत के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि आपको भटकना न पड़े और सीधे काम की, सच्ची जानकारी मिल सके।
गंभीर बीमारी सहायता योजना कैसे काम करती है?
उत्तर प्रदेश में यह योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) के माध्यम से लागू की जाती है।
इसके तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिक और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
लोग इस योजना को अलग-अलग नामों से भी जानते हैं, जैसे—
- मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना
- मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना उत्तर प्रदेश
- गंभीर बीमारी सहायता योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
नाम चाहे जो हो, मकसद एक ही है —
👉 इलाज के समय पैसों की वजह से किसी की जान जोखिम में न पड़े।
गंभीर बीमारी सहायता योजना का असली उद्देश्य क्या है?
- सरकार चाहती है कि किसी नरेगा मजदूर, भट्ठा मजदूर, मिस्त्री या रोज़ दिहाड़ी करने वाले आदमी का परिवार गंभीर बीमारी के कारण कर्ज में न डूबे।
- इलाज के लिए ज़मीन, गहना या घर गिरवी न रखना पड़े, और साहूकार के चक्कर न काटने पड़ें।
- इलाज सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में सही तरीके से हो, ताकि गरीब आदमी से मनमाना पैसा न वसूला जाए।
- इलाज को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से जोड़ा जाए, जिससे अस्पताल में इलाज कराना आसान हो जाए।
- जिन लोगों ने लेबर कार्ड बनवा रखा है, उन्हें यह भरोसा मिले कि मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है।
- चाहे आदमी नरेगा में काम करता हो, भट्ठे पर ईंट ढोता हो या मिस्त्री का काम करता हो — बीमारी आने पर उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
गंभीर बीमारी सहायता योजना में किन बीमारियों पर मदद मिलती है?

सरकारी आदेशों के अनुसार, इस योजना में कई गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं, जैसे—
| क्रम संख्या | गंभीर बीमारी / सर्जरी का नाम |
|---|---|
| 1 | दिल की बीमारी और हार्ट सर्जरी |
| 2 | किडनी (गुर्दा) ट्रांसप्लांट |
| 3 | लीवर ट्रांसप्लांट |
| 4 | ब्रेन सर्जरी या ब्रेन ट्यूमर |
| 5 | रीढ़ की हड्डी की सर्जरी |
| 6 | कैंसर (स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर सहित) |
| 7 | आँख, पथरी, एपेंडिक्स, हाइड्रोसील की सर्जरी |
| 8 | अन्य गंभीर बीमारियाँ (डॉक्टर की संस्तुति पर) |
गंभीर बीमारी सहायता योजना में कौन लोग आवेदन कर सकते हैं? (पात्रता)
अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और:
- आपका लेबर कार्ड / श्रमिक कार्ड वैध और अपडेटेड है
- आप अधतन पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं
- आप आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना में शामिल हैं
तो आप इस योजना के लिए पात्र माने जाते हैं।
👉 अगर अभी तक लेबर कार्ड नहीं बना है, तो पहले
लेबर कार्ड रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है:
गंभीर बीमारी सहायता योजना में परिवार के कौन-कौन सदस्य शामिल होते हैं?
| क्रम संख्या | पात्र लाभार्थी |
|---|---|
| 1 | स्वयं पंजीकृत श्रमिक |
| 2 | पत्नी या पति |
| 3 | अविवाहित पुत्री |
| 4 | 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र |
| 5 | श्रमिक के माता-पिता |
⚠️ ध्यान रखें:
अगर किसी बीमारी का पूरा इलाज पहले ही आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से हो चुका है, तो उसी बीमारी के लिए दोबारा इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
गंभीर बीमारी सहायता योजना आवेदन के लिए कौन-कौन से कागज लगते हैं?
जब आप आवेदन कराने जाते हैं (पंचायत सहायक या CSC पर), तो आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:
- लेबर कार्ड / श्रमिक पंजीकरण प्रमाण
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर की नकल (कुटुंब रजिस्टर)
- बीमारी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट
- डॉक्टर का प्रमाण पत्र
- अस्पताल द्वारा दिया गया इलाज अनुमान (Estimate)
- दवाइयों और इलाज के मूल बिल
- बैंक पासबुक
- आश्रित होने का प्रमाण (यदि परिवार के सदस्य के लिए आवेदन हो)
👉 यही कागज वास्तव में पंचायत सहायक और जन सेवा केंद्र पर मांगे जाते हैं, इसलिए पहले से तैयार रखें।
इलाज के खर्च के लिए कितनी सहायता राशि मिलती है?
- इलाज सरकारी अस्पताल में भी हो सकता है और सरकार से मान्यता पाए निजी अस्पताल में भी।
- अगर इलाज आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना के तहत हुआ है, तो
- वही सरकारी पैकेज वाला पैसा खर्च माना जाएगा, अलग से जोड़-घटाना नहीं होगा।
- जहाँ कैशलेस इलाज होता है, वहाँ मरीज से पैसा नहीं लिया जाता,
- अस्पताल के कागजों के हिसाब से ही भुगतान कर दिया जाता है।
- अगर हालत बहुत खराब हो और तुरंत इलाज कराना पड़े,
- तो बाद में बिल और डॉक्टर की रिपोर्ट दिखाकर भी मदद मिल सकती है।
- इस योजना में ऐसा नहीं है कि “इतना ही पैसा मिलेगा”,
- बीमारी जितनी बड़ी होगी, इलाज के हिसाब से सहायता तय की जाती है।
गंभीर बीमारी सहायता योजना आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन
इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन
UPBOCW की आधिकारिक वेबसाइट से किया जाता है:
साधारण स्टेप:
- वेबसाइट खोलें
- श्रमिक लॉगिन / योजना सेक्शन में जाएँ
- गंभीर बीमारी सहायता योजना चुनें
- फॉर्म भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- रसीद संभालकर रखें
ऑफलाइन आवेदन
ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आमतौर पर आवेदन यहाँ से कराते हैं:
- पंचायत सहायक
- जन सेवा केंद्र (CSC)
- ब्लॉक / श्रम विभाग कार्यालय
नरेगा मजदूरों के लिए खास बात
बहुत से नरेगा मजदूर यह नहीं जानते कि अगर उनका लेबर कार्ड बना हुआ है, तो वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
अगर लेबर कार्ड एक्सपायर हो गया है, तो पहले उसका लेबर कार्ड रिन्यूअल कराना जरूरी है:
👉 लेबर कार्ड से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी आप
लेबर कार्ड योजना पेज पर देख सकते हैं।
पंचायत सहायक की सीधी सलाह
जमीनी अनुभव के आधार पर एक सीधी सलाह है:
- कागज पूरे रखिए
- परिवार रजिस्टर की नकल जरूर लगाइए
- अस्पताल पैनल में हो, यह पहले चेक कर लीजिए
- किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें
- आवेदन पंचायत सहायक या जन सेवा केंद्र से ही कराएँ
निष्कर्ष (Conclusion)
मैं अपने पंचायत स्तर के अनुभव से यह बात साफ़ कहना चाहता हूँ कि गंभीर बीमारी सहायता योजना सच में उन परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है, जो इलाज का नाम सुनते ही परेशान हो जाते हैं। गाँवों में अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही घर में कोई गंभीर बीमारी आती है, सबसे पहले चिंता इलाज के खर्च की ही होती है।
अगर जानकारी सही हो, दस्तावेज पूरे हों और आवेदन पंचायत सहायक या जन सेवा केंद्र के माध्यम से सही तरीके से कराया जाए, तो इस योजना का लाभ मिलना मुश्किल नहीं होता। ज़रूरत बस इतनी है कि समय पर आवेदन किया जाए और किसी भी कागज़ में कमी न रहने दी जाए।
अगर आपके परिवार में कोई सदस्य किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, तो देर न करें। समय रहते इस योजना की जानकारी लें, अपने दस्तावेज तैयार रखें और नजदीकी पंचायत सहायक या जन सेवा केंद्र से संपर्क करके आवेदन ज़रूर कराएँ। सही समय पर मिली सरकारी सहायता कई बार पूरे परिवार को बड़ी परेशानी से बचा लेती है।
📌 गंभीर बीमारी सहायता योजना (UPBOCW) – WhatsApp सहायता ग्रुप
अगर आपको गंभीर बीमारी सहायता योजना (UPBOCW), लेबर कार्ड, श्रमिक कार्ड, पेंशन आवेदन या स्टेटस चेक करने में किसी भी प्रकार की समस्या या भ्रम हो, तो नीचे दिए गए WhatsApp सहायता ग्रुप से जुड़ें।
👉 इस ग्रुप में योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और सामान्य मार्गदर्शन साझा किया जाता है।
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⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
मैं दीपक गुप्ता, पंचायत सहायक हूँ
(जनपद आजमगढ़, विकास खंड हरैया)।
यह जानकारी अनुभव व सामान्य प्रक्रिया पर आधारित है।
यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क (Free) है।
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